कौन थे परमाणु बम के जनक ‘ओपेनहाइमर’, जीवन परिचय | Father of atomic bomb Oppenheimer biography in hindi

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विज्ञान ने कितनी तरक्की कर ली है यह बताने की किसी को भी आवश्यकता नहीं है लेकिन अगर विज्ञान की तरक्की मनुष्यों के विनाश का कारण बन जाए तो विज्ञान वरदान नहीं अपितु अभिशाप बन जाता है

21 जुलाई को देश विदेश के सिनेमाघरों में ओपेनहाइमर फिल्म रिलीज होने वाली है। अब तक तो आप जान चुके होंगे कि यह फिल्म वैज्ञानिक ओपेनहाइमर के जीवन और उनके अविष्कार पर आधारित है। आज हम आपको परमाणु बम के जनक “ जुलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर” के विषय (ओपेनहाइमर का जीवन परिचय | Oppenheimer biography in hindi) में बताने वाले हैं।

आइए जानते हैं रॉबर्ट ओपेनहाइमर का जीवन परिचय (Oppenheimer biography in hindi)

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ओपेनहाइमर जीवन परिचय | J Robert Oppenheimer biography in hindi

ओपेनहाइमर का जीवन परिचय

परमाणु बम के आविष्कारक रॉबर्ट ओपेनहाइमर अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्राध्यापक थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सभी देशों में परमाणु बम बनाने की होड़ लगी हुई थी, ऐसे में अमेरिका में ओपेनहाइमर औरअन्य वैज्ञानिकों ने मिलकर परमाणु बम को बनाने में सफलता हासिल की।

नामजूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर
जन्म तिथि 22 अप्रैल 1904
जन्म स्थानन्यूयॉर्क सिटी (US)
शिक्षा हावर्ड यूनिवर्सिटी
प्रसिद्धि परमाणु बम के जनक
भाषा फ्रेंच, स्पेनिश, ग्रीक
मृत्यु (death ) 1967
Oppenheimer biography ( ओपेनहाइमर का जीवन परिचय)

ओपेनहाइमर का प्रारंभिक जीवन | Early life of J Robert Oppenheimer

Oppenheimer biography in hindi
ओपेनहाइमर जीवन परिचय | Oppenheimer biography in hindi

रॉबर्ट ओपेनहाइमर 22 अप्रैल 1904 को न्यूयॉर्क सिटी में हुआ था। इनके पिता जर्मनी से थे। ओपेनहाइमर के माता-पिता यहूदी परिवार से थे एवं इनका परिवार शिक्षित एवं समृद्ध था।

ओपेनहाइमर जब केवल 5 साल के थे तो इनके दादा जी ने इन्हें कुछ चट्टान के टुकड़े दिए, जिनसे इनकी भूगर्भ विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी। जब यह 7 साल के हुए तो इनकी कविताओं के प्रति रुचि बढ़ी और यह कविताएं लिखने लगे।

ओपेनहाइमर अपने बचपन में सूक्ष्मदर्शी से खेलते थे और उससे जीवाणुओं को देखा करते थे।

ओपेनहाइमर की शिक्षा (Oppenheimer Education)

ओपन हाय मर के शिक्षा एक उच्च विद्यालय से हुई थी। वे बचपन से ही पढ़ने में काफी अच्छे थे। अपनी कम उम्र में ही उन्होंने फ्रेंच, स्पेनिश, इटैलियन और ग्रीक भाषाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था।

ओपेनहाइमर उच्च शिक्षा के लिए हावर्ड विश्वविद्यालय गए

  • ओपेनहाइमर 19 साल के थे तो उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए “हावर्ड विश्वविद्यालय” में एडमिशन लिया।
  • हावर्ड में ओपेनहाइमर का नाम सबसे टॉप में रहता था।
  • हावर्ड विश्वविद्यालय में अपने स्नातक की परीक्षा में ओपेनहाइमर के जितने अंक आए थे उससे पहले किसी भी विद्यार्थी को इतने अंक नहीं मिले थे।
  • ओपेनहाइमर के भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर कहते थे ,एक दिन यह लड़का या तो भौतिक विज्ञान को या फिर पूरे विश्व को हिला देगा। और उनके प्रोफेसर की यह बात सच साबित हुई।

(Oppenheimer biography in hindi | ओपेनहाइमर जीवन परिचय)

ओपेनहाइमर का करियर (Oppenheimer Career)

हावर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपेनहाइमर काम करने के लिए इंग्लैंड की कैविण्डिश प्रयोगशाला में चले गए। वहां जाकर उन्होंने इंग्लैंड के प्रसिद्ध भौतिकविदों के साथ काम किया।

1931 में ओपेनहाइमर को कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया। कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में ओपेनहाइमर ने नाभिकीय विज्ञान से जुड़े हुए कई प्रयोग किए।

इसके बाद 1939 में जब द्वित्तीय विश्वयुद्ध शुरू हुआ तो जर्मनी समेत अन्य देश परमाणु हथियार बनाने में जुट गए। जब अमेरिका को इस बात का पता लगा तो अमेरिका ने भी परमाणु बम बनाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई।

(ओपेनहाइमर का जीवन परिचय | Oppenheimer biography in hindi)

1942 में अमेरिका ने परमाणु हथियार बनाने के उद्देश्य से एक टीम बनाई उसके कॉर्डिनेटर ओपेनहाइमर थे। इस प्रोजेक्ट को टॉप सीक्रेट रखा गया था। और स्टॉप सीक्रेट प्रोजेक्ट का नाम था मैनहैटन प्रोजेक्ट

बाद में इसी प्रोजेक्ट में ओपेनहाइमर को चीफ साइंस डायरेक्टर बनाया गया।

मैनहट्टन प्रोजेक्ट

परमाणु हथियार बनाने के उद्देश्य से ओपेनहाइमर समेत कई महान वैज्ञानिकों ने एक साथ काम करना शुरू किया। लेकिन इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रूजवेल्ट को अल्बर्ट आइंस्टीन ने आग्रह किया था।

अमेरिका को लगा कि अगर उनसे पहले जर्मनी परमाणु हथियार बना देता है तो इससे उन्हें बहुत नुकसान होगा और दूसरी तरफ जापान भी हथियार डालने को तैयार नहीं था।

इसे देखते हुए रूजवेल्ट ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। ओपेनहाइमर ने इस प्रोजेक्ट को शुरू केवल इसलिए किया था क्योंकि वह अपने देश की सुरक्षा चाहते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था इसका परिणाम बहुत ही भयावह निकलेगा।

पहला परमाणु बम परीक्षण

पहला परमाणु बम परीक्षण ओपेनहाइमर की देखरेख में 16 जुलाई 1945 को अमेरिका में किया गया। ओपन टाइमर पहले परमाणु बम परीक्षण के इंतजार में कंट्रोल बनकर में बैठे थे। ओपेनहाइमर पहले परमाणु बम परीक्षण को लेकर काफी नर्वस थे।

परीक्षण से पहले की रात को ओपन हाई में केवल 4 घंटे ही सो पाए थे। और इस समय के दौरान उनका वजन भी पहले से काफी कम हो गया था।

यह परमाणु बम परीक्षण लॉस एलामोस के 340 किलोमीटर दक्षिण में किया गया था। परीक्षण को “ट्रिनिटी टेस्ट” नाम दिया गया।

ओपनहाइमर की जीवनी लिखने वाले इतिहासकार बर्ड और शेर्विन ने अपनी किताब “प्रोमेथियस” में लिखा है कि 1945 का वह दिन ओपनहाइमर के लिए जिंदगी का सबसे निर्णायक लम्हा था।

पहले परमाणु बम परीक्षण का धमाका

बर्ड और शेर्विन ने अपनी किताब में लिखा है कि परीक्षण के समय काउंटडाउन के आखिरी मिनटों में सेना के एक जनरल ने बहुत करीब से ओपेनहाइमर को देखा।

उसने बताया कि, ‘जैसे जैसे धमाके का वक़्त पास आता जा रहा था.., doctor ओपेनहाइमर का तनाव बढ़ता जा रहा था… उस वक़्त वो बमुश्किल ही सांस ले रहे थे.’।

जैसे ही धमाका हुआ, उस धमाके से सूरज की रोशनी भी धुंधली पड़ गई थी। धमाके से इतना तेज झटका पैदा हुआ कि इस झटके को 160 किलोमीटर तक महसूस किया गया था।

और इस धमाके के साथ ओपेनहाइमर ने राहत की सांस ली। उन्हें अपने काम में सफलता मिल चुकी थी।

कितना भयावह था पहला परमाणु बम हमला

द्वितीय विश्वयुद्ध के चलते 1945 में अमेरिका ने पहली बार

द्वितीय विश्वयुद्ध के चलते 1945 में अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा में पहली बार परमाणु बम गिराया था। परमाणु बम से हुआ यह विस्फोट इतिहास में सबसे अधिक विनाशकारी साबित हुआ। स्पेसपोर्ट के चलते जापान में हिरोशिमा के एक ही शहर के लगभग 70000 लोग मारे गए थे।

10 सेकंड में हुए ब्लास्ट पूरे हिस हिरोशिमा में फैल गया था और लोग जल गए। यह परमाणु बम 45 सेकंड हवा में रहने के बाद फटा था। पलक झपकते ही हिरोशिमा की धरती राख में बदल गई। इस परमाणु बम का नाम लिटिल बॉय नाम था।

और अमेरिका इतने में ही नहीं रुका, और इसके ठीक 3 दिन बाद 9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के नागासाकी पर दूसरा बम गिराया। यह प्लूटोनियम गम था जिस धमाके में लगभग 74000 लोगों ने अपनी जान गवई थी।

इन धमाकों में जो लोग बच गए वह विकृत हो गए , और इसके कई सालों बाद भी जापान में वितरित बच्चे पैदा होते थे।

“अब मैं मृत्यु बन गया हूं, दुनिया का विनाशक

हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिका के परमाणु बम का घातक परिणाम देखकर ओपनहाइमर का दिल दहल गया। उन्होंने इस विनाश के लिए खुद को जिम्मेदार माना।

अपने एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने परमाणु धमाके पर खेद जताते हुए भगवत गीता के 11 वें अध्याय के 32 वें श्लोक का उल्लेख किया-

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा था –

” काल: अस्मि लोकक्षयकृत्प्रविद्धो लोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्त:।।”

अर्थात मैं लोगों का नाश करने वाला हूं।

Now I Am Become Death, The Destroyer Of Worlds

उन्होंने दावा किया कि परमाणु बम के धमाके के बाद उनके जहन में गीता का यह श्लोक गूंजता रहा। उनके दोस्तों का मानना था कि परमाणु परीक्षण के कई समय बाद तक उनके मन में अंतर्द्वंद चलता रहता था। एक तरफ अपने देश के लिए और दूसरी तरफ उनके कारण होने वाला विनाश।

परमाणु हमले पर रोक लगाने का किया था आग्रह

ओपनहाइमर ने जब हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए हमले का भयावह परिणाम देखा तो वह खुद को इसका जिम्मेदार मानने लगे और उन्होंने पूरी दुनिया से यह आग्रह किया कि आगे कोई भी परमाणु हथियार का प्रयोग ना करे।

उन्होंने यह भी मांग की कि परमाणु हथियारों के निर्माण पर रोक लगा देनी चाहिए।

विश्व स्तर पर नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं के अंतर्राष्ट्रीय अभियान (ICAN) की ओर से इस बात पर जोर दिया जाता है कि परमाणु हथियारों को खत्म कर दिया जाना चाहिए।

हिरोशिमा और नागासाकी पर हुआ हमला पहला और अब तक का अंतिम परमाणु हमला था। तब से लेकर अभी तक किसी अन्य देश ने किसी भी देश पर परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं किया।

इतने घातक परमाणु हमले के बावजूद भी आज जापान विकसित देशों की श्रेणी में अग्रणी है। जापान की जीवन शैली जापान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जापानियों के अनुसार उनके समृद्ध और खुशहाल जीवन का रहस्य है उनकी इकिगाई।

अगर आप भी जापान के समृद्ध एवं खुशहाल जीवन का रहस्य जानना चाहते हैं तो इस लेख को जरूर पढ़ें :

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जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर के जीवन पर आधारित है हॉलीवुड फिल्म ओपेनहाइमर ( Oppenheimer Movie based on J Robert Oppenheimer)

21 जुलाई को देश विदेश के सिनेमाघरों में हॉलीवुड फिल्म ओपेनहाइमर रिलीज होने जा रही है। क्या फिल्म जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर ( Oppenheimer Biography in hindi) के जीवन पर आधारित है। जो परमाणु बम के बनाने से पहले एवं उसके बाद के समय को दर्शाती है।

FAQ’s

परमाणु बम का जनक किसे कहा जाता है१

जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर

भारत में परमाणु बम का जनक किसे कहा जाता है

होमी जहांगीर भाभा

भारत में पहला परमाणु परीक्षण कब किया गया था?

18 मई 1974 को राजस्थान के पोखरण में

पहला परमाणु बम कब एवं कहां गिराया गया था?

पहला परमाणु बम 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा पर अमेरिका द्वारा गिराया गया था

दूसरा परमाणु बम कब गिराया गया था?

दूसरा परमाणु बम अमेरिका द्वारा ही जापान के नागासाकी पर 9 अगस्त 1945 को गिराया गया था।

दुनिया में सबसे अधिक परमाणु शक्ति किस देश के पास है?

अमेरिका के पास सबसे अधिक परमाणु शक्ति है। अमेरिका के पास 96 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर हैं।

image source: atomicarchive.com, wikipedia

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